आज फिर

आ चल आज फिर,
भीग चले बारिश मे,
मौसम तो आयेंगे,
फिर चले जायेंगे,
कभी बारिश होगी,
कभी तपिश होगी,
पर फिर भी जिंदगी,
तेरे संग ही होगी,
चलो इक बार फिर,
भीग चले बारिश मे,
मानाकि मै थी रुठी,
पर तुम भी तो थे ,
मुझसे कुछ रुठे से,
आ चल आज फिर,
भीग चले बारिश मे,
न तुम कुछ कहो,
न हम कुछ कहे,
न हो गिले-शिकवे,
बस भीग जाये,
इक बार फिर,
संग-संग बारिश मे,
प्यार की बारिश मे,
आ चल आज फिर ,
भीग चले बारिश मे,
नाता तो गहरा है,
मेरा तुझसे,
मगर फिर भी,
क्या पता कि कही,
फिर रुठ न जाँऊ,
आ चल आज फिर ,
भीग चले बस,
संग-संग बारिश मे।

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