बचपन की किताब

जुड़ते हुए नये अध्याय,
उम्र संग भारी होती हुई,
जिंदगी की किताब,
फिर बहुत और बहुत
याद आती है बचपन
वाली वो किताब,
बच्चों की नये पन्नो की,
खुशबू वाली किताब,
याद आती है बचपन
वाली वो किताब,
जिंदगी की नीव होती है,
वो बचपन वाली किताब,
जाने कब,क्यों, कहाँ खो
जाती है वो बचपन
वाली किताब?
बड़ी रंगबिरंगी, सजीले,
चित्रों वाली सपनीली,
मुस्कुराती सी किताब,
इम्तिहान देना सिखाती,
वो बचपन वाली किताब,
आत्मविश्वास से भरती,
बच्चों को वो किताब,
हाजिर जबाबी बनाती,
जिंदादिली से जीना सिखाती,
बचपन वाली वो किताब,
कभी सफे फटते भी तो हर
इक नये सपने के लिये,
कभी हवा से बातें करती,
लहराती पतंगे और
उड़ते हुए जहाज,
तो कभी पानी मे चलती,
उनकी सपनों की नाव,
जाने फिर कहा खो जाती
है वो बचपन वाली किताब।
जिंदगी फिर खोजती है,
सरल सी बचपन वाली
वो किताब।

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