मेघ

ओ रे बदरा,
बरसे हो अरसो बाद,
आये हो मनुहारो के बाद,
इतना बरसो,जम से बरसो,
भीगी-भीगी लगे धरती,
मन भाये सौंधी सी महक,
भीगा-भीगा लगे चमन,
मोर नाचे है वन-वन,
होकर मगन,
प्यासा पपीहा भी,
बूंद-बूंद भीगा,
भीगा-भीगा सा मन,
शीतल सा चमन,
बदरा संग उड़ता सा गगन,
रिमझिम फुहार बन बरसो,
भीगा-भीगा सा घर-आँगन,
खुशहाल सा चमन,
प्रीत बन बरसो,
भीगा-भीगा सा तन-मन,
वरदान बन बरसो,
खेत जोते है किसान,
देखो कितनी है लगन,
बोये है बीज,                                  
कब फूंटे है अंकुर,
बड़ी करी है जतन,
जम से बरसो,
छम-छम बरसो,
अमृत-बूंद बन बरसो,
भरे है ताल-तलैया,
बहते है झरने-नदियाँ,
सागर पर उमड़ते बदरियाँ,
गरज के बदरा बरसो,
सावन-भाँदो जम से बरसो।

                    

 
                           

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6 thoughts on “मेघ

  1. It seems you are very fond of rains. Rains bring out happiness and perspective nothing else can. It can be painful at times. Rains are synonyms to emotions. They can make you smile. They can make you cry. I just adore rains

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